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Moral stories in hindi matter with amazing hindi moral stories .

लोमड़ी की चालाकी(Moral stories in hindi matter)


एक बार की बात है। एक प्यासी लोमड़ी पानी की तलाश में इधर उधर भटक रही थी।

तभी उसे एक तालाब दिखाई दिया।

लेकिन तालाब गहरा होने के कारण। लोमड़ी पानी पीने में असमर्थ थी।
लेकिन प्यास से व्याकुल होने के कारण लोमड़ी ने अपना सिर तालाब में लटका कर पानी पीने की चेष्टा की।

तभी अचानक वह उस गहरे तालाब में गिर जाती है। उसने बाहर निकलने की बहुत चेष्टा की लेकिन अंततः वह असफल रहती है।

अब वह पूरी तरह से असहाय नजर आ रही थी और अपने जीने की उम्मीद छोड़ चुकी थी।

तभी उसे अचानक तालाब की तरफ एक भेड़ आती हुई दिखाई दी। लोमड़ी ने भेंड़ को तेज आवाज में बुलाया और कहा। बहन सुनती हो क्या ?

भेड़ बहन इस तालाब का पानी अमृत के समान मीठा है, लेकिन उसके लिए तुम्हें तालाब की बीचो-बीच आना पड़ेगा।

क्योंकि किनारों का पानी खारा है?

मुझे देखो बहन मैं तालाब के बीचो बीच आकर इस मीठे अमृत रूपी पानी को पी रही हूं।

भेंड़ उसकी चिकनी-चुपड़ी बातों में आ गई और झट से उसने तालाब में छलांग लगा दी।

जैसे ही भेड़ ने तालाब में। छलांग लगाई। चालाक लोमड़ी उसके पीठ पर चढ़कर तालाब से बाहर की तरफ लगा दिया और।

वह चालबाज लोमड़ी तालाब से बाहर आ गई।

और मुर्ख भेड़। उस तालाब में फंस गई।


नैतिक शिक्षा- हमेशा बुद्धि-विवेक से सोच समझ के कार्य करें।

Real Story Moral stories in hindi matter

बच्चों के लिए सांप से जूझ गई चिड़िया

एक गांव में आम के पेड़ पर एक चिड़िया रहती थी घोसले में मौजूद अपने बच्चों को बचाने के लिए चिड़िया सांप से ऊलझ गई। आखिरकार चिड़िया का शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे तो सांप भाग गया।

शाहपुर गांव जौनपुर में आम के पेड़ पर। एक पक्षी का घोंसला था। घोसले में चिड़िया के बच्चे रहते थे। एक दिन करीब 12:00 बजे चिड़िया की आवाज सुनकर पड़ोस के रहने वाली प्रेमा देवी ने घोसले की तरफ देखा तो वहां एक सांप था जो घोसले में जाने का प्रयास कर रहा था और उन बच्चों को खाने का प्रयत्न कर रहा था।

चिड़िया सांप को अपनी चोंच से मारकर उड़ जा रही थी। फिर से सांप चिड़िया से उलझ जा रहा था। ऐसे तैसे बहादुर चिड़िया सांप को उलझाये रही । जैसे ही सांप चिड़िया की तरफ बढ़ता तो उड़ जाती थी।

वह सिर्फ घोसले की ओर जाने का प्रयास करता था तो फिर चिड़िया चोंच से उसे मार कर घायल कर देती थी। यह देख प्रेमा देवी ने शोर मचाया तो आसपास के लोग वहां आ गए। लोगों की भीड़ देख सांप पेड़ से नीचे उतर झाड़ी में चला गया और इस तरह से जुझारू चिड़िया ने अपने बच्चे की जान बचा ली।

नैतिक शिक्षा- कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

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