भारतीय क्रिकेट टीम रोस्टर

 INDIAN CRICKET TEAM ROSTER. क्रिकेट एक पर्व है हम भारतीयों के लिए क्रिकेट दीवानगी सिर चढ़ कर बोलती है , आज देखते है भारतीय क्रिकेट के कुछ यादगार लम्हे खट्टी मीठी यादे .

भारत में क्रिकेट की दीवानगी युवाओं के सिर चढ़कर बोल रही है जब बात क्रिकेट की आती है तो युवाओं के दिल में एक उत्साह सा जग उठता है और क्रिकेट भारत में गली-गली में देखने को मिल जाएगा .

क्रिकेट खेलना तो ठीक है यहां पर क्रिकेट देखने के लिए भी अलग तरह का क्रेज है बुजुर्गों में भी क्रिकेट के प्रति आज दीवानगी गजब की है. जब टेलीविजन पर क्रिकेट मैच आता है तो मानो गली-चौराहे पर सन्नाटा सा छा जाता है |

भारत में क्रिकेट का महाकुंभ आईपीएल बन चुका है यहां पर खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करके टीम में आने का अच्छा मौका मिलता है और आईपीएल के ब्रांड आज पूरे दुनिया में अपना एक अलग पहचान बना चुके हैं और भारतीय क्रिकेट टीम को भी रिप्रेजेंट कर रहे हैं . दर्जनों ऐसे खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बना चुके हैं जो कि आईपीएल के प्रोडक्ट हैं जैसे – सूर्यकुमार यादव , राहुल , पृथ्वी शाह , ऋषभ पंत इत्यादि |

भारत में क्रिकेट की शुरुआत अंग्रेजों के समय सन 1932 में भारत और इंग्लैंड के बीच हुआ था भारतीय टीम ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक से बढ़कर एक कीर्तिमान बनाए उसी का एक जीता ज्यादा उदाहरण है कि सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ी ने शतकों का शतक बनाया शुरुआती दिनों में अगर बात करें सन 1952 तक की ने पहला मैच इसी सन में खेला था और दुनिया की छठी टेस्ट खेलने वाली क्रिकेट टीम बनी थी |

भारत और पाकिस्तान के मध्य खेले जाने वाले मैच एक अलग तरह का ही जुनून होता है मानो वह दिन देश में पर्व का रूप ले लेता है लोग अपने घरों में सिमट कर रह जाते हैं और टीवी की तरफ टकटकी लगाए हुए बैठे रहते हैं |

भारतीय क्रिकेट टीम के रोस्टर की कहानी

Wordcup – 1983

1983 वर्ल्ड कप

 1983 Final क्रिकेट इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुकी है 1983 में भारतीय टीम ने कुल खेली थी जिसमें से 11 मैचों में जीत और 4 मैचों में हार का सामना किया था ।

वर्ल्ड कप 1983 में भेजी गई भारतीय टीम एकदम नई थी जिनके पास एक्सपीरियंस बहुत कम था और भारतीय प्लेयर को यह विश्वास नहीं था कि वह फाइनल में पहुंच चुके हैं और जब फाइनल मैच वेस्टइंडीज के साथ खेला जाना था तो रिचर्ड के सामने सभी बच्चे लग रहे थे उनसे मानो ऑटोग्राफ मांग रहे थे किसी ने सोचा भी नहीं था कि वह वेस्टइंडीज को आज हरा देंगे ।

 83 वर्ल्ड कप में कपिल देव ही एक ऐसे शख्स है जो अपनी जीत को लेकर निश्चिंत थे कि आज हम वेस्टइंडीज को हरा सकते हैं उन्होंने अपने फ्लेयरों को साथी जूनियर यू को उत्साहित किया और कहा कि हम वेस्टइंडीज को हरा सकते हैं । युवा खिलाडियों के दिलों में जीत की एक आस जगाई थी समय जीत के हीरो बने थे कपिल देव सुनील गावस्कर दिलीप मंगेशकर और मोहिंदर अमरनाथ टीम ने विश्व धरातल पर एक अलग पहचान बनाई ।

25 जून 1983 का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो चुका था यह क्रिकेट इतिहास वह यादगार लम्हा था जिसमें भारतीय क्रिकेट टीम ने अपनी बुलंदियों को छुआ था वेस्टइंडीज ऐसी महारथियों से भरी टीम को बच्चो ने परास्त कर दिया था ।

मदनलाल का कारनामा – मदनलाल कि वह ऐतिहासिक गीत जिसने बीवी रिचार्ज को आउट किया भारतीय क्रिकेट के लिए वह खुद मदनलाल रिचर्ड्स को आउट करने के बाद काफी देर तक आश्चर्यचकित थे थे और उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि उन्होंने वाकई में रिचडस को आउट कर दिया है ।

जब मैच के दौरान गांगुली ने उतारी अपनी शर्ट

Ganguly dada

जुलाई 13 सन 2002 इंडियन क्रिकेट हिस्ट्री के लिए एक बहुत बड़ा दिन था इंडिया सौरव गांगुली की अगुवाई में उसके घर में दिया था मात मैच जीतते ही सौरव गांगुली ने अपनी शर्ट निकाल कर हवा में निकालकर लहराना शुरू कर दिया ।

 लॉर्ड्स में खेले जा रहे नैटवेस्ट फाइनल क्रिकेट मैच में इंग्लैंड ने एक हाई स्कोरिंग मैच में ३२६ रन का विनिंग टारगेट इंडिया को दिया था । शुरुआत में ही इंडिया ने 146 रनों पर पांच विकेट गंवा दिए थे उसके बाद जीत नामुमकिन सी दिखने लगी थी तभी भारतीय टीम के दो युवा गन युवराज सिंह जिनकी उम्र महज 20 साल थी और मोहम्मद कैफ जिनकी उम्र भी मात्र 21 साल थी युवराज सिंह ने 59 रन की बेहतरीन पारी खेली और 267 रन के कुल स्कोर पर आउट हो गए उसके बाद कैफ ने मोर्चा संभाला और भारतीय टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचा दिया और जीत मिलते ही सौरव गांगुली बालकनी से खड़े होकर अपना टीशर्ट निकाल के चारों तरफ लहराने लगे और जिसका सीधा प्रसारण पूरी दुनिया के क्रिकेट प्रेमियों ने देखा जिसको लेकर काफी आलोचना भी की गई कि आखिर ऐसी भी क्या जीत थी कि आपने कपड़े तक उतार दिए ।

इसीलिए सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट टीम के इतिहास का सबसे एग्रेसिव कप्तान माना जाता है एक मजबूत भारतीय टीम की न्यू कप्तान सौरव गांगुली ने ही डाली थी जो आज फूल-फल रही है और नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है चाहे, महेंद्र सिंह धोनी, रहे हो युवराज सिंह , रैना , आगे चलकर कोहली , शर्मा आदि ।

मैच फिक्सिंग का आरोप

इंडियन क्रिकेट टीम के जाने-माने क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगा था उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ राजकोट में 1996 और पेप्सी कप मैच इन श्रीलंका, आरोप ने भारतीय क्रिकेट की जड़ों को झकझोर के रख दिया था इसके बाद मानो पूरी भारतीय क्रिकेट तबाह हो चुकी हो और टूट चुकी हो जिसका पूरी दुनिया में बहुत गलत संदेश साथ ही साथ उस समय की स्टार खिलाड़ी अजय जडेजा पर भी मैच फिक्सिंग का आरोप लगा था उसके बाद भारतीय क्रिकेट टीम टूट सी गई थी लेकिन बाद में राहुल द्रविड़ सचिन सौरव गांगुली दादा ने टीम के चेहरे को दोबारा से रिबिल्ड करने का प्रयास किया और एक नई क्रिकेट टीम भारत को दी और आज उसी की पौधशाला देश दुनिया में नए-नए कीर्तिमान रच रही है ।

भारतीय क्रिकेट टीम रोस्टर  ( INDIAN CRICKET TEAM ROSTER ) की खट्टी मीठी यादे कैसी लगी कमेंट करके प्रतिक्रिया दे |

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