Bhoot ki kahani in hindi

Bhoot Ki Kahani-भूत करने लगता है खेत की सिचाई, जाने पूरा सच..

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आज हम एक मजेदार Bhoot Ki Kahani पढ़ेंगे जो वास्तविक है और हमारे पूर्वज दादा-दादी आज भी सुनाते है जिसकी सच्चाई हम नकार नहीं सकते।

बहुत समय पहले की बात है एक गांव में दुलार और शोधन नाम की दो भाई रहते थे इनका मुख्य व्यवसाय कृषि था, वह खेती करके बहुत ढेर सारा अनाज पैदा कर लेते थे जिनके चर्चे गांव में अक्सर हुआ करते थे |

 दुलार शरीर से हीस्ट-पुस्ट और शोधन काफी दुबला पतला था तो खेती की सारी जिम्मेदारी दुलार के कंधो पर थी ।

 उनके दिन बहुत अच्छे से कट रहे थे तभी अचानक एक रात एक “घटना” घटती है ।

 दुलार सड़क के किनारे खेत से कुछ दूरी पर डाल रहा था रात की 12:00 से 1:00 के बीच चाँद की रोशनी से आस -पास उजाला ही उजाला था, तभी उसकी नजर खेत की तरफ पड़ी जहां उसे अपना छोटा भाई शोधन दिखाई दिया लेकिन वह एक शैतान था जिसने शोधन का भेष धारण किया था।

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फिर दुलार ने शोधन से कहा शोधन भाई चलो आज खेत की सिंचाई रात में ही कर लेते हैं ।

उस समय खेतों की सिंचाई के लिए पुरवट का प्रयोग करा जाता था ,तथा तालाबों में एकत्रित पानी को एक विशेष पात्र के द्वारा रस्सियों से बांधकर( उबह के ) नाली द्वारा खेतों तक पहुंचाया जाता था ।

दुलार और शोधन दोनों मिलकर पानी उबहने लगते हैं खेत में 1 घंटे बाद दुलार थक कर चूर हो जाता है लेकिन शोधन अभी भी पानी उठाने में लगा हुआ है ।

जिसे देखकर दुलार को यकीन नहीं हो रहा था कि दुबला पतला शोधन आज इतना कार्य कैसे कर सकता है और मैं इतनी जल्दी थक गया ।

संकोच बस दुलार सोधन को कुछ  कहता नहीं है कि उसकी बेइज्जती हो जाएगी थका हारा लगा  रहा काम पर ।(Bhoot Ki Kahani)

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दोनों मिलकर खेत में पानी उबहते रहे अब सुबह के 4:00 बज चुके थे दुलार बहुत बुरी तरह थक चुका था वही शोधन अभी भी लगातार इतनी फुर्ती से कार्य कर रहा था ।

शोधन घर जाने की बात कहकर वहां से भाग जाता क्यों की सुबह होने को थी और वह सैतान था ।

bhagta bhoot
भागता हुआ bhoot ki image

फिर दुलार  थका हारा घर पहुंचता है और सुबह वह बहुत ही प्रसन्न था क्योकि उसने आज रात में अपने पूरे खेत की सिंचाई कर ली थी ।

सुबह सुदन को आँख मलते  हुए अपनी तरफ आता देख सुबह दुलार बड़ा प्रसन्न हुआ, और बोला कि कल रात तुमने बहुत अच्छी सिंचाई की और कल मुझे तुम्हारी शक्तियों का एहसास हुआ ।

कि तुम भी इतना मेहनत भरा कार्य कर सकते हो जिसे सुनकर शोधन कुछ समय के लिए समझ ही नहीं पा रहा था कि बड़े भैया क्या कह रहे हैं ।

दुलार की बातें उसके शिर के ऊपर से निकल गई ? 

आश्चर्यजनक तरीके से शोधन ने पूछा कि बड़े भैया आप किस खेत और किस  सिंचाई की बात कर रहे हैं मुझे आप की बात कुछ समझ में नहीं आ रही है ।  

दुलार- तू इतनी जल्दी कैसे भूल गया कल रात ही तो हम दोनों ने मिलकर पूरे खेत की सिंचाई करें हैं ।  

सुदन- लेकिन भैया मैं तो कल रात को कहीं नहीं गया ,मैं तो घर पर ही सोया था  तथा सूजन की पत्नी ने भी यही जवाब दिया ।

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जिसको सुनकर दुलार के हाथ पैर कांपने लगी उसकी तबीयत बिगड़ने लगी “तभी उनकी दादी ने बताया कि वह एक शैतान था जिसने सुदन का रूप धारण किया था ,  जो पास के तालाब में सदियों से रह रहा है ।  

जिसे सुन दुलार की तबीयत दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही थी और महीनों बीतने के बाद दुलार की मृत्यु हो जाती है ।

दुलार की मौत शैतान या भूत से नहीं उसके मन में बसे डर से होती है ।  

निष्कर्ष- आप डर को मन से निकाल दें भूत प्रेत आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकते

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तो बच्चों कैसी लगी कहानी कमेंट कर के बताना । इस तरह की Bhoot Ki Kahani आप के सामने लेकर आता रहूँगा।

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