कौवे की दर्द भरी कहानी-Hindi kahani-2020

कौवे की दिल छू लेने वाली कहानी # हिंदी कहानी #

एक समय की बात है । नदी के किनारे एक विशाल जंगल था वहाँ बड़ी तादात में जंगली जानवर रहते थे जैसे – शेर ,चीता, बाघ,हिरण, हाथी, ऊँट, घोड़ा उसी जंगल मे एक एक कौआ आम के पेड़ पर अपने परिवार के साथ रहता था ।

कुछ वर्षों के के बाद उस जंगल में कौवो की संख्या हजारो में हो गई और पूरे जंगल में फैल गए ।

कौवो की आवाज (कांव-कांव) पूरे जंगल मे गूँजती रहती थी जिसे लेकर जंगल के सभी जानवर कौवों के ईष्या करने लगते है ।

एक सुबह जंगल के राजा शेर ने सभी जंगली जानवरों की मीटिंग बुलाई और सभी ने उनको जंगल से मार कर भगा देने का निर्णय लिया ।

एक चालक लोमड़ी ने सभी जंगली जानवरों का विरोध किया और कहा ये प्रकृत के नियम के विरुद्ध है जिसका ‘खामियाजा’ पूरे जंगल को भुगतना पड़ेगा ।

😊 सभी जानवर लोमड़ी की बात सुनकर ठहाके मार -मार के हँसने लगे 😊

लोमड़ी का करीबी एक कौआ था जो काफी वृद्ध हो चुका था जिसकी बीबी और दो छोटे बच्चे भी थे । लोमड़ी ने उनको न भागने की पार्थना करी सभी जानवर मान गए ।

अगले दिन से सभी जानवरों ने कौवो को मारना प्रारंभ कर दिया और बंदरो ने उनके घोंसले उखाड़ दिए एक-एक कर सभी कौवे मारे जा रहे या फिर भाग जा रहे थे ।

और अंत मे सभी कौवो को जंगल से भागा दिया गया बस एक परिवार को छोड़ दिया गया जो लोमडी का मित्र था 😢

जंगल मे एकदम शांत वातावरण हो गया सभी जानवर खुश थे

अगले दिन जंगल के सभी जानवर जगह-जगह एकत्रित होकर खुशियां माना रहे थे । कि हमने कौवो को मार के भगा दिया

जंगल में बस एक कौआ बचा था जो लोमड़ी का मित्र था वह अपने बच्चों के साथ जंगल उड़ रहा था ।

तभी उस कौवे की नजर 8 से 10 शिकारियों पर पड़ी जो जंगल मे प्रवेश चुके थे जिनके हाथो में बंदूक थी कौवा अकेला पड़ गया पूरे जंगल मे वह अकेले सूचना नही पहुँचा सकता था क्योकि अन्य कौवो को जंगल से जानवरो ने भगा दिया था ।

कौवे ने हार नही मानी अकेले ही निकल पड़ा जंगल भर के जानवरों को सूचित करने ।

उसने सबसे पहले लोमड़ी को सूचित किया जिससे लोमड़ी अपने इलाके के जानवरों के साथ झाड़ियों और दर्रो में छुप जाती है ।

ज्यादातर जानवर कौवे की बात सुनकर ठहाके मार के हँसते है और कहते है तुम्हे भी जंगल से भगा देना चाहये था ।

लेकिन वृद्ध कौवा जहाँ तक जंगल मे सूचनाएं पहुँचा सकता था पहुचाया ।

और कौवा थक कर उदास होकर बैठ जाता है ।

तभी शिकारियों की नजर जानवरों पर पड़ती है जो एकत्रित थे । शिकारियों ने जानवरों को निशाना बनाया गोलियों और तीर से सैकड़ो जानवर मारे गए और हजारों घायल हो गए यहाँ तक की जंगल का राजा शेर भी घायल हो गया

लेकिन लोमड़ी के इलाके के सभी जानवर सुरक्षित थे क्यो की कौवे की बात मान लिए था ।

अगली सुबह सभी जानवर आँखों मे आँसू लिए उदास चेहरे अपने को खोने के गम में विचार करते हुए ।

अपनी मूर्खता पर एक दूसरे को कोसते हुए कौवे और लोमड़ी से माफी मांगते है ।

और कौवो को पुनः जंगल मे सम्मान के साथ बुलाया जाता है अब सभी जानवर खुश है ।

Moral- इस हिंदी कहानी से हमे यही शिक्षा मिलती है कि बिना सोचे समझे कार्य नही करना चाहये और प्रकृति के साथ छेड़छाड़ नही करना चाहये ।

धन्यावाद

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